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अब आया 'यूएनआई टीवी'

रोजाना 40 आडियो-वीडियो क्लिप मुहैया कराएगा यूएनआईटीवी
टेलीविजन न्यूज एजेंसी की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया सेवा का शुभारंभ

एजेंसी पत्रकारिता में पहले से स्थापित देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी 'यूनाइटेड न्यूज आफ इंडिया' (यूएनआई) ने अब टीवी न्यूज की दुनिया में भी कदम रख दिया है। टीवी को खबरें और विजुअल मुहैया कराने के लिए एजेंसी ने 'यूएनआई टेलीविजन' नाम से एक नई सर्विस शुरू की है। देश-विदेश में फैले अपने नेटवर्क और मंझे हुए पत्रकारों की बदौलत यूएनआई की यह सेवा टेलीविजन चैनलों एवं दूसरे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को ताजे समाचार, फीचर स्टोरी और खबरों की आडियो-वीडियो क्लिपिंग मुहैया कराएगी। इस सेवा के जरिये टेलीविजन चैनलों को नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की खबरों की कमी दूर होगी। यूएनआई टीवी के लिए एजेंसी ने सी-वोटर के संचालक यशवंत देशमुख के साथ समझौता किया है।uni

यूएनआई के महाप्रबंधक एवं प्रधान संपादक अरुण कुमार भंडारी के मुताबिक 'राष्ट्रीय हितों की कसौटी पर खरी उतरने वाली कवरेज के जरिये यूएनआई जिम्मेदार पत्रकारिता की सर्वोच्च परम्परा एवं आदर्शों को कायम रखेगी। यूएनआई टीवी का मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि देश की संस्कृति विविधता और उसकी संभावनाओं को इंटरनेशनल स्तर पर उजागर करना है।'

यूएनआई टीवी की शुरूआत से इस क्षेत्र में पहले से काम रही एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) को कड़ी टक्कर मिलेगी। यूएनआई टीवी का दफ्तर 9, रफी मार्ग स्थित मुख्यालय में ही बनाया गया है। महाप्रबंधक ने बताया कि देश-विदेश में फैले अपने नेटवर्क के बूते पर 'यूएनआई टीवी' इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को विभिन्न घटनाओं का कवरेज आधुनिक स्टूडियो और अत्याधुनिक तकनीक के जरिए मुहैया कराएगा। इसके जरिए रोजाना 40 वीडियो और आडियो क्लिप सभी प्रमुख नेशनल और इंटरनेशनल घटनाक्रमों को कवर करते हुए उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस सर्विस के तहत इंटरनेशनल खबरों से जुड़े पैकेज के अलावा, कारोबार, खेल, मनोरंजन और स्टाक मार्केट आदि से जुड़े समाचार भी शामिल होंगे। यूएनआई टेलीविजन के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों से सकारात्मक फीचर रिपोर्टों की विशेष श्रृंखला भी शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी और निजी क्षेत्रों में होने वाली विकास गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को प्रमुखता देना है।


हिट्स बदल देगा टीवी देखने का ढंग

नई दिल्ली। सरकार ने अत्याधुनिक ‘हेडएंड्स इन द स्काई (हिट्स)’ नीति को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले से न सिर्फ केबल ऑपरेटरों को डिजिटल प्लेटफार्म मिल सकेगा, बल्कि इनमें प्रतिस्पर्धा बढ़ने से प्रसारण की दरों में भी कमी देखने को मिल सकती है। इस प्लेटफार्म के तहत ऑपरेटर विभिन्न प्रसारकों के उपग्रहों से सीधे अपलिंक कर सकेंगे और उनके टीवी चैनल डिजिटल फार्मेट में ग्राहकों तक पहुंच पाएंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बताया कि यह नीति अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह मौजूदा केबल नेटवर्क ऑपरेटरों को हिट्स प्रौद्योगिकी की ओर ले जाएगी।  सरकार हिट्स ऑपरेटरों को 10 वर्ष के लिए लाइसेंस देगी। देश में रजिस्टर्ड कंपनियां इसके लिए आवेदन कर सकेंगी। अंबिका स‌ोनी का दावा हैकि हिट्स प्रौद्योगिकी अपनाने से केबल ऑपरेटरों की पूंजीगत लागत और उनकी परिचालन लागत में भारी कमी आएगी। हिट्स सर्विस ऑपरेटर की पहुंच पूरे देशभर में होगी। इसलिए सेट टॉप बॉक्स (एसटीबी) की मांग बढ़ेगी। इससे सेट टॉप बॉक्स की कीमतों में कमी आएगी। हिट्स के ग्राहक को देश भर में कहीं भी स्थानांतरित होने पर सेट टॉप बॉक्स नहीं बदलना पड़ेगा। इसके लिए उसे नई जगह पर आसानी से हिट्स से जुड़ा ऑपरेटर मिल जाएगा। डिजिटल प्रसारणहोने से ऑपरेटर ग्राहकों को अधिक चैनल दिखा सकेंगे और ग्राहकों को भी बेहतर प्रसारण का लाभ मिल सकेगा।


भंडारी ने कहा कि यूएनआई टीवी का जोर दूरदराज के उपेक्षित ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाकों पर होगा, जिनकी दुनिया से जुड़े समाचार, खास खबरें, जनरुचि के समाचार और विशेष समाचार अभी तक समाचार चैनलों के दरवाजे पर दस्तक नहीं दे पाए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी और कठिनाई के इस दौर में 'यूएनआई टीवी' की यह सेवा टेलीविजन न्यूज चैनलों के लिए आर्थिक बचत का एक बड़ा जरिया साबित होगी। वर्तमान में दूर दराज के इलाकों तक अपना नेटवर्क कायम रखना चैनलों के लिए काफी खर्चीला सौदा साबित होता है।

सन 1961 में शुरू हुई यूएनआई वर्तमान में 1000 से ज्यादा संस्थानों को अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रही है। दुनिया के प्रमुख शहरों में यूएनआई के प्रतिनिधि हैं। यूएनआई का विदेशी न्यूज एजेंसियों के साथ खबरों के आदान-प्रदान का समझौता है। इसकी सेवाएं अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में हैं। इसकी दो वेबसाइटों पर पूरी दुनिया के आम लोगों के साथ-साथ नीति निर्धारकों भी नियमित विजिट करते हैं। एजेंसी की ग्राफिक्स और फोटो सेवा भी है। यूएनआई ने छोटे और मझोले समाचार पत्रों के लिए यूएनआई डॉट नेट सेवा शुरू की है। इसके जरिये यूएनआई ने वित्तीय तथा संदर्भ, बैकग्राउंडर सेवा को नए कलेवर में पेश किया है।

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